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सोमवार, 22 नवंबर 2010

मेरे नाम अनेक (शिशुगीत)-डा. नागेश पांडेय 'संजय '


मेरे नाम अनेक , दोस्तों , 
मैं छोटा सा भोलू . 
कोई मुझसे सोनू कहता ,
 कोई  कहता गोलू .
दादा जी कहते हैं टिंकू , 
दादी कहती कालू . 
मम्मी मुझसे लल्ला कहतीं,
 पापा कहते लालू . 
मेरे घर जब आता कोई,
 कहता -नाम बताओ . 
चुप रह जाता हूँ मैं , तुम ही
कोई युक्ति सुझाओ . 
चित्र में सोनू नायक ,भुवनेश्वर, उड़ीसा 

1 टिप्पणी:

Love Kush ने कहा…

बचपन में नामों को लेकर ऐसा ही होता है . कविता मजेदार है