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शुक्रवार, 28 जनवरी 2011

पास यदि रोबोट होता



 बालगीत: डा.नागेश पांडेय 'संजय' 

पास यदि रोबोट होता
सच! मजे होते हमारे!

रोब हम उस पर जमाते ,
चाहते जो सो कराते,
नहीं कुछ करना हमें
होता, महज मस्ती उड़ाते.
उधर होते काम चट , 
हम इधर जो करते इशारे।

डाँट डैडी की न पड़ती
औ' न मम्मी मार पातीं,
स्कूल में दीदी न हमको-
पीट या फटकार पातीं .
काम जिन्दाबाद सब होते
अरे ! उसके सहारे .

पास यदि रोबोट होता
सच! मजे होते हमारे!

13 टिप्‍पणियां:

Er. सत्यम शिवम ने कहा…

आपकी उम्दा प्रस्तुति कल शनिवार 29.01.2011 को "चर्चा मंच" पर प्रस्तुत की गयी है।आप आये और आकर अपने विचारों से हमे अवगत कराये......"ॐ साई राम" at http://charchamanch.uchcharan.com/
आपका नया चर्चाकार:Er. सत्यम शिवम (शनिवासरीय चर्चा)

डॉ. नागेश पांडेय "संजय" ने कहा…

भाई सत्यम जी ,
आपका बहुत - बहुत आभार किन शब्दों में कहूँ .

उर में कितने भाव संजोये ,
पर कहने की कला न आई .
अत: उचित है , मन की भाषा
पढने का अभ्यास कीजिए .

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार ने कहा…

प्रिय बंधुवर डा. नागेश पांडेय 'संजय'जी

काश …
पास यदि रोबोट होता
सच! मजे होते हमारे!

सुंदर सुसज्जित ब्लॉग !
और अच्छी बाल रचनाएं हैं आपके ब्लॉग पर … और आपका मान सम्मान भी अच्छा हुआ है… हार्दिक बधाई और मंगलकामनाएं !

- राजेन्द्र स्वर्णकार

डॉ. नागेश पांडेय "संजय" ने कहा…

आदरणीय स्वर्णकार जी ,
द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी के शब्दों में कहूँ तो -

मैं न रहा जब मैं ,
तुम आए और स्वयं
तुमने ही आकर के मेरे गीत लिखे .
तुम ही मेरे आँसू की मुस्कान बने ,
इसीलिए आँसू मोती के भाव बिके .
जिसने - जितना जो कुछ भी आँका मुझको ,
मेरा मोल नहीं , वह
मोल तुम्हारा है .
मेरी कविता का हर बोल
तुम्हारा है .

सब आप सह्रदय शुभचिंतकों की मंगलकामनाओं और संबल का सुफल है .स्नेह - कृपा बनाये रहें .
हार्दिक धन्यवाद .

अनुष्का 'ईवा' ने कहा…

काश ! ऐसा होता ....बहुत प्यारी रचना है नागेश अंकल. आभार

ZEAL ने कहा…

पास यदि रोबोट होता
सच! मजे होते हमारे...

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सब्जी उससे मैं कटवाती ,
ब्लॉग टाइप कराती मैं।

Smiles !

.

डॉ. नागेश पांडेय "संजय" ने कहा…

ZEAL जी , वाकई आपकी टिप्पणी पढ़कर चेहरे पर मुस्कान तैर गई । धन्यवाद ।

Kailash C Sharma ने कहा…

बहुत सुन्दर कल्पना और उसकी प्रभावी अभिव्यक्ति..

रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…

सचमुच मज़े हमारे होते!

डा. बलवीर ने कहा…

बढ़िया है कविता .धन्यवाद

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" ने कहा…

रोबोट का गीत बहुत सुन्दर है!

आपकी चर्चा बाल चर्चा मंच पर भी तो है!
http://mayankkhatima.uchcharan.com/2011/02/30-33.html

hindi poetry of shahjahanpur(U.P.), INDIA ने कहा…

बहुत सुंदर रचना है . बच्चों का साहित्य आपके सामान लेखकों का आभारी रहेगा.

डॉ. नागेश पांडेय "संजय" ने कहा…

हार्दिक धन्यवाद ।