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मंगलवार, 24 अप्रैल 2012

गुलगुले

शिशुगीत : नागेश पांडेय 'संजय' 

गुलगुले जी गुलगुले,
गुलगुले थे पुलपुले.
हमने खाए गुलगुले,

हम भी हो गए पुलपुले.

5 टिप्‍पणियां:

mridula pradhan ने कहा…

bahut achche bane hai 'gulgule'.

"रुनझुन" ने कहा…

ये पुलपुले गुलगुले खाकर हम भी बन गए गुलगुले .. :)

चैतन्य शर्मा ने कहा…

Majedar Kavita...

प्रसन्न वदन चतुर्वेदी ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति...बहुत बहुत बधाई...

बेनामी ने कहा…

Nice prabhudayal