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गुरुवार, 10 अक्तूबर 2013

चालू लालू

शिशुगीत : डॉ. नागेश पांडेय 'संजय'
लालू जी शैतान बहुत हैं, 
चालू  भी हैं ये.
अपना काम बना लेते 
झगड़ालू भी हैं ये. 
मूंगफली मैंने दिलवायीं, 
दाने गटक गए.
मैंने मांगी मूंगफली तो
छिलके पटक गए 

3 टिप्‍पणियां:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा आज शुक्रवार (11-10-2013) चिट़ठी मेरे नाम की (चर्चा -1395) में "मयंक का कोना" पर भी है!
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का उपयोग किसी पत्रिका में किया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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शारदेय नवरात्रों की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

Virendra Kumar Sharma ने कहा…


बहुत सुन्दर सरल सुबोध बाल मन की सुगबुगाहट लिए।

ई. प्रदीप कुमार साहनी ने कहा…

सुंदर प्रस्तुति |

मेरी नई रचना :- मेरी चाहत