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सोमवार, 14 मार्च 2016

मोटा शलजम छोटा शलजम-डॉ. नागेश पांडेय 'संजय'


मोटा शलजम,
 छोटा शलजम।

 ले लो भैया!
 बेच रहे हम।
 दोनों के ही,
 रेट फिक्स हैं।
 भाव न होगा,
 बिल्कुल भी कम।



 मोटा शलजम,
 भारी भरकम।
 छोटा शलजम
 वजन बहुत कम।
 लेना है तो
 जल्दी बोलो,
 वरना जाएँ
और कहीं हम।
*******
चित्र में रावेन्द्र कुमार रवि 



3 टिप्‍पणियां:

Kavita Rawat ने कहा…

फिक्स रेट की दुकान
बहुत सुन्दर बाल गीत

रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…

शलजम लै लो, शलजम ... ... .

प्रतुल वशिष्ठ ने कहा…

आलू अदरख सभी बेचते
शलजम के फेरीवाले कम।
जो भी बेचो सभी बिकेगा
टेर लगाते रहना हरदम॥